ऐसा ही एक नाच आज-कल महाराष्ट्र में भी चल रहा है जहाँ हनुमान चालीसा का जाप करते ही एक ‘भूतिया सेना’ तथा 'बेताल प्रवृत्ति' के उसके नेता गुस्से से आग बबूला हो जाते हैं। उनके एक बेताल नेता को हरामखोर के नाम से भी जाना जाता है। हनुमान चालीसा जपने वालों को वो राक्षसों की तरह डराते हैं कि उन्हें २० फुट जमीन के नीचे दफना देंगे। भगवान का लाख लाख शुक्र है कि ऐसे भूतों से महाराष्ट्र की भोली भाली जनता को मुक्ति मिलने जा रही है।
महाराष्ट्र के उन भूतो और बेतालों मनाने के लिए आप या तो ‘अजान’ का पाठ लाउडस्पीकर से करें या फिर हिन्दुओं को गाली दें। फिर ये प्रसन्न रहते हैं। बेचारे बालासाहेब ! आत्मा उन्हें कोसती होगी कि उन्होंने तो हिन्दुओं की रक्षा के लिए 'शिव-सेना' का गठन किया था परन्तु उनके कुपुत्र ने उसे ‘भूत-सेना’ क्यों और कब बना दिया ?